Pierre Bittar French Impressionist Artist  
 

 

अगस्त 22, 2011

पेंटिंग नं. 2

अब तक हुई महानतम घटना

इससे बेहतर और क्या हो सकता था कि हमारा रचयिता, इस ब्रह्मांड का रचयिता या और इस धरती पर हमारे साथ रहा? यह आज से 2000 साल पहले इज़रायल के छोटे से कस्बे बेथलेहम में हुआ था।

परमेश्वर ने अपने देवदूतों के माध्यम से अपने धरती पर आने से सैकड़ों साल पहले जो घोषणाएँ की थी, वे यहाँ हैं।

यीशू का जन्म

इसैय्याह 9:6

क्योंकि हमारे लिए एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्भुत युक्ति करनेवाला पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा।

 

मिकाह 5:2

"“लेकिन तुम, ओ बेथलेहम एफ़्राथ, जूडाह के सब लोगों के बीच में एक छोटे से गाँव हो।
तब भी इस्रायल का एक शासक तुम में से आएगा, एक जिसका मूल अनंत भूतकाल* में है।”*"

*अनंत भूतकाल = हमेशा के लिए = अनंत काल


The Birth of Jesus

 

Luke 2:7 - 16
7 और वह अपना पहला पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा: क्योंकि उनके लिये सराय में जगह न थी।
8 और उस रात में गड़ेरिये थे, जो मैदान में रह कर अपने झुण्ड का पहरा देते थे।
9 तभी प्रभु का एक दूत उनके पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उनके चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए।
10 तब स्वर्गदूत ने उनसे कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा।
11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही प्रभु मसीह है।
12 और उसको पहचानने के लिए तुम्हारा यह चिन्ह है: कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे।"
13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिएँ।
14 "कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्ति हो।"
15 जब स्वर्गदूत उनके पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, "आओ, हम बैतलहम जाकर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें।"
16 और वे तुरन्त गांव गए और मरियम और यूसुफ को पाया और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा।

निम्नलिखित स्पष्टीकरणों का उद्देश्य उन लोगों की मदद करना है जो बाइबिल के शास्त्रों से परिचित नहीं हैं और विश्वास करने के लिए उन्हें पढ़ना और समझना चाहते हैं।

परमेश्वर: एक पवित्र ट्रिनिटी है, जो है पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा एक ही और एक मात्र परमेश्वर में।  एक त्रयात्मक परमेश्वर।

जब हम तीनों में से किसी एक की बात करते हैं तो हम एक परमेश्वर की बात कर रहे होते हैं। परमेश्वर अनंतकाल से विद्यमान है। वह समय और स्थान के दायरे से बाहर है। इसलिए उसे किसी ने नहीं बनाया है। परमेश्वर हमारा और ब्रह्मांड का निर्माता है। परमेश्वर अपनी रचना मानव को सर्वोत्कृष्ट कृति मानता है। इसलिए वह हमें अनंतमृत्यु से बचाने के लिए धरती पर आया क्योंकि हमारे लिए उसके प्रेम की कोई सीमा नहीं है। उसने हम में से प्रत्येक की रचना तीन व्यक्तियों में की है, शरीर, आत्मा और भावना। शरीर हमें इस दुनिया में जिंदा रहने की अनुमति देता है। इसी के कारण हम एक दूसरे को दिखाई देते हैं। जब शरीर अपना मिशन पूरा कर लेता है, यह मर जाता है। तब भावना शरीर से मुक्त हो जाती है और यह अनंतकाल तक रहेगी, या तो परमेश्वर के साथ या उससे दूर। परमेश्वर के साथ रहने को अनंत जीवन और परमेश्वर से दूर रहने को अनंत मृत्यु कहा जाता है। जब हम बाइबिल में पढ़ते हैं कि परमेश्वर का पुत्र हमें अनंत मृत्यु से बचाने के लिए धरती पर आया था तो बाइबिल हमारी अनंत भावना की बात कर रही है, हमारे भौतिक शरीर की नहीं। आत्मा जो शरीर से भिन्न है और भावना, हमारा अंतरंग व्यक्ति अच्छा या बुरा करने का निर्णय करती है, हमारी मुक्त-इच्छा के अनुसार जो हमें परमेश्वर द्वारा उस दिन प्रदान की गई थी जिस दिन हमें गर्भ में धारण किया गया था और हमारी मृत्यु के बाद हमारी भावना का अनुसरण करेगी।

परमेश्वर का शब्द: परमेश्वर का शब्द समस्त सृष्टि का स्रोत है। जब हम उत्पत्ति ग्रंथ पढ़ते हैं, जो कि बाइबिल की पहली पुस्तक है, हम देखेंगे कि सभी रचनाएँ परमेश्वर के शब्द के अनुसार हुई। उसने कहा, “यह होने दो,” और यही हुआ।

इस सरल और त्वरित स्पष्टीकरण के बाद, आइए हम चलते हैं यीशू मसीह के जन्म से संबंधित बाइबिल के कुछ छंदों की ओर।

प्रारंभ में शब्द पहले से विद्यमान था। शब्द परमेश्वर के साथ था, और शब्द परमेश्वर था, वह प्रारंभ में परमेश्वर के साथ मौजूद था। परमेश्वर ने प्रत्येक रचना उसके माध्यम से की और उसके माध्यम के अलावा कोई रचना नहीं की गई। शब्द ने हर उस चीज को जीवन दिया जिसकी रचना की गई थी, और उसका जीवन प्रत्येक में प्रकाश लाया। प्रकाश अंधेरे में चमकता है, और अंधेरा उसे कभी बुझा नहीं सकता।
योहन 1:1-5
 
इसलिए शब्द इंसान बन गया और हमारे बीच अपना घर बना लिया। वह अमोघ प्यार और सच्चाई के भरा था. और हम ने उसकी महिमा, पिता के इकलौते पुत्र की महिमा को देखा है.
योहन 1:14
 
 और यह है कि जो परमेश्वर ने गवाही दी है: उसने हमें अनन्त जीवन दिया है, और यह जीवन इस पुत्र में है. जिसके भी बेटा है उसके पास जीवन है, जिस किसी के पास परमेश्वर का पुत्र नहीं है उसके पास जीवन नहीं है. मैंने यह तुम्हें लिखा है जो परमेश्वर के पुत्रा के नाम में विश्वास करते हो, ताकि तुम जान सको कि तुम्हारे पास अनंत जीवन है।
1 योहन 5:11-13

 

 
  

 हमारे प्रभु की जिंदगी

परिचय 1 - उद्घोषणाएँ 2 - यीशु का जन्म 3 - मिस्र को पलायन
4 - डॉक्टरों के साथ मंदिर में 5 - प्रथम 4 शिष्य 6 - काना में विवाह 7 - यीशू द्वारा विधवा के पुत्र को पुनर्जीवन प्रदान करना
8 - 5000 लोगों को खिलाना 9 - अंतिम रात्रिभोजन 10 - यहूदा द्वारा विश्वासघात 11 - यीशु का निरादर
12 - सलीब पर चढ़ाना और मृत्यु 13 - यीशु का पुनर्जीवन 14 - उत्थान वचन को फैलाना

पवित्र त्रिमूर्ति को समझें
पवित्र त्रिमूर्ति
क्या हम भगवान की कोशिका हैं?


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