Pierre Bittar French Impressionist Artist  
 

 

सितंबर7, 2011

पेंटिंग नंबर. 3

यीशु के जन्म के कुछ समय बाद राजा हेरोदस ने मसीहा के जन्म के बारे में सुना, जिसका यहूदी कई सदियों से इंतजार कर रहे थे। उनका सम्मान किया जाना चाहिए था और उसे गर्व होना चाहिए था कि यह ऐतिहासिक और दैवी घटना है जिसके बारे में सैकड़ों वर्ष पहले घोषणा की जा चुकी थी और इस्राएल के अधिकतर लोगों द्वारा जिसकी उम्मीद की गई थी वह घटना उसके शासनकाल के दौरान हुई थी। इसके बजाय, वह परेशान था और अपना सिंहासन खो देने के बारे में चिंतित था। उसने बेथलेहेम और उसके आसपास 2 साल या उससे छोटी उम्र के सभी बच्चों को मारने का आदेश दे दिया, आयु की गणना उसे दी गई जानकारी के द्वारा की गई।

नोट: पूरी कहानी मत्ती 2:1-23 में कही गई है

मिस्र में पलायन

Flight into Egypt

 

Matthew 2:13 - 14
13 उनके चले जाने के बाद देखो, प्रभु के एक दूत ने स्वप्न में यूसुफ को दिखाई देक रकहा, उठ; उस बालक को और उसकी माता को लेकर मिस्र देश को भाग जा; और जब तक मैं तुझसे न कहूं, तब तक वहीं रहना; क्योंकि हेरोदेस इस बालक को ढूंढ़ने पर है कि उसे मरवाडाले।
14 वह रात ही को उठकर बालक और उसकी माता को ले कर मिस्र को चल दिया...

 

 
  

 हमारे प्रभु की जिंदगी

परिचय 1 - उद्घोषणाएँ 2 - यीशु का जन्म 3 - मिस्र को पलायन
4 - डॉक्टरों के साथ मंदिर में 5 - प्रथम 4 शिष्य 6 - काना में विवाह 7 - यीशू द्वारा विधवा के पुत्र को पुनर्जीवन प्रदान करना
8 - 5000 लोगों को खिलाना 9 - अंतिम रात्रिभोजन 10 - यहूदा द्वारा विश्वासघात 11 - यीशु का निरादर
12 - सलीब पर चढ़ाना और मृत्यु 13 - यीशु का पुनर्जीवन 14 - उत्थान वचन को फैलाना

पवित्र त्रिमूर्ति को समझें
पवित्र त्रिमूर्ति
क्या हम भगवान की कोशिका हैं?


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