Pierre Bittar French Impressionist Artist  
 

हमारे प्रभु का  जीवन 

 
 

परिचय  

 
 

पियरे अपनी प्रार्थनाओं में परमेश्वर से माँगता रहा है कि अपने वचन फैलाने के लिए उसका उपयोग करें। परमेश्वर ने उसकी प्रार्थना का उत्तर दिया है और उसे सुसमाचार मुद्रित करने के लिए नियुक्त कर दिया। इस आह्वान के उत्तर में पियरे ने जनवरी 2011 में सुसमाचार से प्रेरित यीशू मसीह का जीवन पेंट करना आरंभ किया। परमेश्वर की मदद और मार्गदर्शन से वह आगे बढ़ रहा है और इस विशाल परियोजना को 2012 के आरंभ में पूर्ण कर लेगा। सब परमेश्वर की महिमा है।

पियरे ने अपनी दीर्घा के प्रथम स्तर पर दयालुतापूर्वक जनता के लिए खोले गए एक स्थाई संग्रहालय को खोलने का निर्णय किया है। 14 बड़ी पेंटिंग (7' x 5') प्रथम स्तर की दीवारों को भरेंगी और उद्घोषणा से स्वर्ग में उत्थान तक क्रमिक रूप से प्रदर्शित होंगी। ये पेंटिंग बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं होंगी, लेकिन इनकी अनुकृतियों (जीक्ले) के लिए आदेश दिए जा सकते हैं।

 
     
  Pierre Bittar - Biblical Paintings  
 

उपर्युक्त चित्र पियरे द्वारा अपने स्टूडियो में तब लिया गया था जब वह इस परियोजना पर काम कर रहा था। यह प्रदर्शन दो कारणों से अनूठा और अप्रत्याशित हैः

  1. अब तक बाइबिल संबंधी पेंटिंग पारंपरिक और शैक्षिक शैली तक सीमित रही हैं। यह इतिहास में पहला मौका होगा जब एक प्रभाववादी कलाकार बाहरी ‘मुक्ताकाश’ कलाकार के चटकीले रंगों से सुसमाचार पेंट कर रहा है।
  2. हमारे प्रभु के पूर्ण जीवन – जन्म, बचपन, सेवा, मृत्यु, पुनर्जीवन और उत्थान – का एक ही कलाकार द्वारा मूल तैल-चित्र में चित्रण करने वाली यह प्रदर्शनी दुर्लभ प्रदर्शनियों में से एक होगी।

अब से लेकर पियरे बिट्टर संग्रहालय के औपचारिक उद्घाटन तक, प्रभु के जीवन की एक पेंटिंग दीर्घा की खिड़की पर प्रदर्शित की जाएगी और पियरे बिट्टर वेबसाइट में परियोजना की प्रगति के अद्यतन शामिल होंगे। पेंटिंग प्रत्येक कुछ सप्ताहों में एक-एक करके निम्नलिखित क्रम में प्रकाशित होंगीः

1) उद्घोषणा उनका जन्म
2) यीशू का जन्म उनका जन्म
     
3) मिस्र को पलायन उनका बचपन
4) डॉक्टरों के साथ मंदिर में उनका बचपन
     
5) पहले 4 शिष्य उनकी सेवा
6) काना में विवाह उनकी सेवा
7) यीशू एक विधवा के पुत्र को पुनर्जीवित करते हैं उनकी सेवा
8) 5000 लोगों को खिलाते हुए उनकी सेवा
     
9) आखिरी रात्रि-भोज उनके अंतिम दिन
10) जूडाह द्वारा विश्वासघात उनके अंतिम दिन
11) जूडाह द्वारा विश्वासघात उनके अंतिम दिन
12) सूली पर चढ़ाया जाना और मृत्यु उनके अंतिम दिन
13) यीशू का पुनर्जीवन उनके अंतिम दिन
14) उत्थान उनके अंतिम दिन

 

 
  

 हमारे प्रभु की जिंदगी

परिचय 1 - उद्घोषणाएँ 2 - यीशु का जन्म 3 - मिस्र को पलायन
4 - डॉक्टरों के साथ मंदिर में 5 - प्रथम 4 शिष्य 6 - काना में विवाह 7 - यीशू द्वारा विधवा के पुत्र को पुनर्जीवन प्रदान करना
8 - 5000 लोगों को खिलाना 9 - अंतिम रात्रिभोजन 10 - यहूदा द्वारा विश्वासघात 11 - यीशु का निरादर
12 - सलीब पर चढ़ाना और मृत्यु 13 - यीशु का पुनर्जीवन 14 - उत्थान वचन को फैलाना

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